जब दिग्‍विजय सिंह ने पूछा : राम मंदिर शिलान्‍यास के बाद वनवास पर जाएंगे नेता ? तिलमिलाए भक्तो ने दिया ये जवाब

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र द्वारा किया गया। इस दौरान राम मंदिर के लिए नौ आधारशिला रखी गईं। इसे लेकर विपक्ष के कई नेताओं ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं और इसका स्वागत किया है। लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिहं ने कुछ ऐसा लिखा है जिसके बाद उन्हें ट्रो’ल्स का साम’ना करना पड़ रहा है।

दिग्विजय ने लिखा “क्या राम मंदिर शिलान्यास के बाद हम राम राज्य की उम्मीद करें? भगवान राम ने अपने पिता के द्वारा दिये गए वचन निभाने के लिए १४ वर्षों तक वनवास काटा, क्या हमारे आज के राजनेता भी वचन निभायेंगे?” इसपर यूजर्स ने उन्हें ट्रोल करते हुए लिखा “अपने तो खुद ही बता दिया कि 2024 तक तो कांग्रेस कि वनवास अवधि 10 वर्ष ही हुई, इसलिए अभी 2029 के चुनाव से पहले अपने नेताओं को बोल दो ऐश करें, हाँ वो जो आपका बड़ा नेता विदेश भाग जाता हैं ऐश करने वह भी अभी 9 वर्ष मौज मना ले।” एक ने पूछा कि पहले आप तो संन्‍यास ले लो।

एक यूजर ने लिखा “राजा साहब आप का बनवास अभी चल रहा है और चलता ही रहेगा अब राजनीति की उम्मीद मत करना चुपचाप घर पर बैठो अज्ञातवास में तू भी फेल तेरा बेटा भी फेल।” एक ने लिखा “हमारे नेता जो वचन देते है उसका उल्टा करते है उदाहरण 2 करोड़ नौकरी प्रतिवर्ष दूंगा कहा, स्थिति 6 साल मे 12 करोड़ बेरोजगार हुये इसी तरह बैंक रेल निजीकरण इस से भी बढ़कर सीमाओ से समझौता।”

बात दें इससे पहले दिग्विजय सिहं ने राम मंदिर के शिलान्यास के मुहूर्त को लेकर स’वाल उठाए थे। तब उन्होने ट्वीट कर लिखा था “आज अयोध्या जी में भगवान रामलला के मंदिर का ‘शिलान्यास’ वेद द्वारा स्थापित ज्योतिष शास्त्र की स्थापित मान्यताओं के विप’रीत हो रहा है, हे प्रभु हमें क्षमा करना। यह निर्माण निर्विघ्न रूप से पूरा हो यही हमारी आप से प्रार्थना है। जय सिया राम।’

इससे पहले तीन अगस्त को मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था, ‘पांच अगस्त को भगवान राम के मंदिर शिलान्यास के अ’शुभ मुहुर्त के बारे में विस्तार से जगदगुरू स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज ने सचेत किया था। मोदी जी की सुविधा पर यह अशुभ मुहुर्त निकाला गया। यानि मोदी जी हिंदू धर्म की हजारों वर्षों की स्थापित मान्यताओं से बड़े हैं!! क्या यही हिं’दुत्व है?’